1 .धान खरीद हेतु किसान पंजीकरण को लेकर किसान भाइयो के मन में काफी सवाल है जैसे की हम जानते है की private market में धन का भाब काफी काम है यु कहे की किसान का धान कोड़ियो के भाब में खरीदा जा रहा है जो एक चिंता का विषय है अब किसान करे तो किया करे उसके पास कोई ऑप्शन ही नहीं है जब किसान सरकारी धन क्रय केंद्र पर जाता है तो उसके सामने प्राइवेट मार्किट से भी जयदा उलझने आ जाती है क्योकि सरकारी धन क्रय केंद्र पर किसान को बहुत ही जटिल प्रिक्रया का सामना करना पड़ता है अब यहां से सुरु होती है बिचौलिया गिरि इसमें धन क्रय केंद्र का इंचार्ज और बिचौलिया मिलकर किसानो की भाबनाओं से करते है खिलबाड़ ये सरकार द्वारा बनायीं गयी जटिल प्रिक्रिया को इतना जटिल बना देते है की किसान अपनी फसल को कोडियो के दाम इन्ही को भेचने के लिए तयार हो जाते है 2.अब में आपको एक आसान सा तरीका बताऊंगा जिससे आप अपनी फसल को आसानी से बेच सकेंगे और अच्छे दामों में बेच पाएंगे
ऐसा बिल्क़ुल भी नहीं है की इस झेत्र में सरकार कुछ नहीं कर रही है किसान की आय को दोगुना करने के लिए सरकार किसान की फसल को काफी अच्छे दामों में खरीद रही है इसलिए ही हमे थोड़ा जागरूक होने की ज़रुरत है जिस धान का प्राइवेट मार्केट में 1250 रु का रेट है बही धान सरकार द्वारा 1868 रुपए में ख़रीदा जा रहा है इससे आप खुद ही अंदाजा लगा सकते की सरकार का इस झेत्र में एक उल्लेखनीय प्रयास है
nice
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